चुप्पी.................

मेरी बायीं दीवार का रास्ता
जो तुम्हारे दायें तक जाता है,
- कान उग चुके हैं उसमे.
ईंटों के बीच आँख है,
रास्ता काटती
- मेरा और तुम्हारा.
जब मिलते हैं अकेले में हम,
हमारी ज़ुबानों से कितने लोग बोलते हैं
- सुना?

Contact

Please address queries to
wingsonfish@gmail.com